अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में इस वर्ष रामनवमी की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं, और राम मंदिर ट्रस्ट इसे भव्य तरीके से मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रभु राम के विराजमान होने के बाद यह दूसरी रामनवमी होगी, जिसे विशेष रूप से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें भगवान राम के मस्तक पर तिलक करेंगी। इसे संभव बनाने के लिए देशभर के वैज्ञानिक अयोध्या पहुंचे हैं और उन्होंने मंदिर में सूर्य तिलक का सफल ट्रायल भी किया है।
पिछले साल अस्थायी रूप से सूर्य तिलक किया गया था, लेकिन इस बार इसे स्थायी व्यवस्था के रूप में स्थापित किया जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट और वैज्ञानिकों की योजना के अनुसार, आगामी 20 वर्षों तक हर रामनवमी पर भगवान राम के मस्तक पर सूर्य किरणें तिलक करेंगी। ट्रस्ट के अनुसार, आज हुए ट्रायल में 1 मिनट तक सूर्य की किरणें भगवान राम के मस्तक पर पड़ीं, जबकि 6 अप्रैल को रामनवमी के दिन यह प्रक्रिया लगभग 4 मिनट तक चलेगी।
श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी दी कि सूर्य तिलक की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए इसरो के वैज्ञानिक भी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। इस तकनीकी पहल के तहत सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर वर्ष रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें भगवान राम के ललाट पर पड़ें, जिससे यह ऐतिहासिक क्षण और भी दिव्य और पवित्र बन सके।